पाली/गोडवाड ज्योती: वल्लभ समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी म.सा. के शुभाशीर्वाद एवं उनकी सद्प्रेरणा एवं सेठश्री नवलचन्द सुप्रतचन्द जैन देवकी पेढ़ी के सहयोग से दिनांक 11 दिसम्बर 2016 को पाली शहर के पुराने बस स्टैंड पर जोधपुरी पत्थर पर आकर्षक नक्काशी कर तराशे गए भव्य नवनिर्मित श्री नवलखा पार्श्वनाथ द्वार, गुरु आत्म द्वार, गुरुवल्लभ द्वार का भव्य लोकार्पण समारोह प.पु. ज्ञानप्रभाकर, स्वर्ण संत, गोडवाड़ भूषण, विद्वान साहित्यकार, आचार्य श्रीमद विजय जयानन्द सूरीश्वरजी म.सा. (भोले बाबा) आदि ठाणा एवं शासनरत्ना तपोनिष्ठ साध्वीश्री अमितगुणाश्रीजी म.सा. (माताजी म.सा.) आदि ठाणा की पावन निश्रा में राज्यसभा सांसद श्री ओमप्रकाशजी माथुर के कर-कमलों से भव्यतापूर्वक संपन्न हुआ। लोकार्पण समारोह से पूर्व समुद्र विहार उपाश्रय में पूज्य गुरुदेवश्री ने प्रवचन के दौरान कहा कि समाज का कोई भी व्यक्ति शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक रूप से वंचित हो इसलिए प्रतिदिन चिंतन करता हूं। इसी तरह समाज के सभी लोगों को भी समाज के उत्थान को लेकर चर्चा करनी चाहिए। समाज का विकास शिक्षा से ही संभव...