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जीतो घाटकोपर चैप्टर द्वारा जीतो बिजनेस नेटवर्क सेमिनार संपन्न

मुंबई/गोडवाड ज्योती: जीतो घाटकोपर चैप्टर द्वारा जीतो बिजनेस नेटवर्किंग सेमिनार (जेबीएन) का आयोजन लेवेंडर बाग में किया गया| इस अवसर पर नवनिर्वाचित जीतो प्रेसिडेंट (एपेक्स) शांतिलाल कवाड के साथ जीतो एडमिनिट्रेटीव ट्रेनिंग फाउंडेशन (जेएटीएफ) के अध्यक्ष व घाटकोपर चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष सुभाषचंद्र रूणवाल, रमेश मोरबिया, संजय डांगी, विजय जिरावाला, मुकेश मेहता, कोटा चैप्टर के चेयरमेन अनिल मांडोत आदि गणमान्यों की उपस्थिति में इस समारोह का शुभारंभ नवकार महामंत्र के गायन द्वारा किया गया| इसके बाद चैप्टर के चेयरमेन ताराचंद गन्ना ने कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों को आये हुए मेहमानों के समक्ष प्रस्तुत किया और सभी सदस्यों ने ‘एक मिनट में परिचय’ द्वारा स्वयं और अपने व्यापार के बारे में बताया। इस अवसर पर 18 नये सदस्यों को घाटकोपर चैप्टर में शामिल किया गया एवं गोरेगांव चैप्टर के एक सदस्य को शांतिलाल कवाड द्वारा सम्मानित किया गया। सभी मुख्य अतिथियों ने अपने वक्तव्यों में इस आयोजन की सराहना की व ऐसे कार्यक्रमों की जरूरत पर जोर दिया।
इस अवसर पर ‘ट्रांस्फोर्मेशन कोच’ मयूर नंदू ने नेटवर्किंग स्कील्स को सुधारने के नुस्खे बताये और नेटवर्किंग में किस तरह स्वयं को पेश किया जाये, इस विषय पर विस्तारपूर्वक बताया तथा पीयूष बाफना ने घाटकोपर चैप्टर द्वारा किये गये सभी कार्यों और जेबीएन के कार्यक्रमों पर एक विडियो पेश किया। प्रमोद मेहता ने सभी मुख्य अतिथियों, सदस्यों और मेहमानों का धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम के संयोजक अमित धुला, मुकेश हिरण, धीरज मेहता व अन्य सदस्य थे।

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राजस्थान के पाली जिले में नाडोल के शासक परम प्रतापी  महाराजा राव लाखणसीजी चौहान द्वारा स्थापित श्री आशापुरा  माताजी का पवित्र भव्य तीर्थस्थल है|  कई विशाल पौराणिक मंदिरो और ऐतिहासिक विशाल बावडियों और परकोटों की धरोहर को अपनी ओर समेटे देवनगर नाडोल इन बड़े-बड़े विशाल मंदिरो के कारण अपनी विशेष पहचान बनाये हुये है| इतिहास: नाडोल शहर का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह अपनी नियमित गश्त पर था। परिक्रमा करते-करते प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट पर जा पहुंचा। पानी पीने के बाद नदी किनारे बसी चरवाहों की बस्ती पर जैसे ही लक्ष्मण ने अपनी सतर्क नजर डाली, एक झोंपड़ी पर हीरों के चमकते प्रकाश ने आकर्षित किया। वह तुरंत झोंपड़ी के पास पहुंचा और वहां रह रहे चरवाहे को बुलाकर प्रकाशित हीरों का राज पूछा। चरवाहा भी प्रकाश देखकर अचंभित हुआ। वस्त्र में हीरे चिपके देख चरवाहे के आश्चर्य की सीमा नही रही, उसे समझ ही नही आया कि जिस वस्त्र को उसने झोपड़ी पर डाला था, उस पर तो जौ के दाने चिपके थे। लक्ष्मण द्वारा पूछने पर चरवाहे ने बताया कि वह पहाड़ी ...

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बालोतरा / गोडवाड ज्योती: नवरात्रि शुभारंभ के शुभ अवसर पर बालोतरा उपखंड के प्रसिद्ध शक्ति पीठ नागणेची माता मंदिर-नागाणा के प्रांगण में विधि-विधान के साथ अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना की गयी तथा नव दिवसीय महापूजन का आयोजन किया गया| उल्लेखनीय है कि अखिल राठौड़ वंश की कुलदेवी नागणेची माता के दर्शनों के लिए यूँ तो वर्ष भर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रहती है किन्तु नवरात्रि में यहाँ की रौनक निराली ही होती है| नागाणा धाम के ट्रस्टी उम्मेदसिंह अराबा ने बताया कि प्रकांड ब्राह्मणों के मुखारविंद से मंत्रोच्चार कर घट स्थापना तथा महाआरती में बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने शिरकत कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया| शक्ति पीठ पर सम्पूर्ण भारत भर से आये माता के भक्तों ने पूजा- अर्चना की। मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए ट्रस्ट की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गयी थी। साथ ही मन्दिर के तीर्थ परिसर के बाहर लगे मेले और सजे हाट बाजार में भी बड़ी तादाद में खरीदारी का लुफ्त उठाया।

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मुम्बई/गोडवाड ज्योती: भगवान महावीर की जन्मभूमि लच्छवाड के क्षत्रियकुंड तीर्थ से भगवान महावीर स्वामी की अंदाजित 500 kg वजन की मूल प्रतिमा चोरी होने से महाराष्ट्र के समस्त जैन समाज में भारी रोष व्याप्त है। मुम्बई में बिराजित कई जैनाचार्यों से सलाह के बाद वरिष्ठ विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविद व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से बात करके इस दुर्लभ एवं अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतिमा को तत्काल तलाशने व दोषी लोगों को पकड़ने की मांग की है। मान्यता है कि यह प्रतिमा भगवान महावीर के भाई नंदीवर्धन ने भगवान के जीवितकाल में ही स्थापित करवाई थी। जैन धर्म में इसे भगवान महावीर की प्रथम प्रतिमा माना जाता है। विधायक लोढ़ा ने इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी बातचीत करके बिहार सरकार से कारवाई तेज करवाने की मांग की है। ज्ञात हो कि बिहार के लच्छवाड़ में स्थित भगवन महावीर स्वामी के जन्मस्थल क्षत्रियकुण्ड में बने 2600 साल पुराने ऐतिहासिक मंदिर से करीब पांच सौ (500) किलो वजन की महावीर स्वामी की प्रतिमा 26/11/15 की रात चोरी हो गयी थी। कालखंड के हिसाब से अतिप्राचीन ए...