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नाडोल में विराजमान है आशाओं को पूर्ण करने वाली कुलदेवी आशापुरा माता

राजस्थान के पाली जिले में नाडोल के शासक परम प्रतापी  महाराजा राव लाखणसीजी चौहान द्वारा स्थापित श्री आशापुरा  माताजी का पवित्र भव्य तीर्थस्थल है|  कई विशाल पौराणिक मंदिरो और ऐतिहासिक विशाल बावडियों और परकोटों की धरोहर को अपनी ओर समेटे देवनगर नाडोल इन बड़े-बड़े विशाल मंदिरो के कारण अपनी विशेष पहचान बनाये हुये है| इतिहास: नाडोल शहर का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह अपनी नियमित गश्त पर था। परिक्रमा करते-करते प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट पर जा पहुंचा। पानी पीने के बाद नदी किनारे बसी चरवाहों की बस्ती पर जैसे ही लक्ष्मण ने अपनी सतर्क नजर डाली, एक झोंपड़ी पर हीरों के चमकते प्रकाश ने आकर्षित किया। वह तुरंत झोंपड़ी के पास पहुंचा और वहां रह रहे चरवाहे को बुलाकर प्रकाशित हीरों का राज पूछा। चरवाहा भी प्रकाश देखकर अचंभित हुआ। वस्त्र में हीरे चिपके देख चरवाहे के आश्चर्य की सीमा नही रही, उसे समझ ही नही आया कि जिस वस्त्र को उसने झोपड़ी पर डाला था, उस पर तो जौ के दाने चिपके थे। लक्ष्मण द्वारा पूछने पर चरवाहे ने बताया कि वह पहाड़ी ...

श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा ने 95वां स्थापना दिवस मनाया

श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा ने 95वां स्थापना दिवस मनाया   रानी/ गोडवाड ज्योती: श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा का 95वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर संस्थान द्वारा संचालित इंग्लिश मीडियम स्कूल एवं बदामिया पीजी महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यकर्मो की प्रस्तुति दी ,  जिसमें सरस्वती वंदना ,  गुरु वल्लभ स्तुति के साथ गुरु विजय वल्लभ की जीवनी पर प्रकाश डाला। संस्था सचिव रमेश आर जैन ने बताया कि 1927 में जैन आचार्य गुरु विजय वल्लभ ने  गोडवाड़ क्षेत्र में इस शिक्षण संस्था की नींव डाली ,  जिसकी बदौलत आज पूरा क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर है। कोषाध्यक्ष मुकेश भंडारी एवं सह सचिव विजय सुराणा ने बताया कि सात विद्यार्थियों से आरम्भ हुए इस विद्यालय में क्षेत्र के सैकड़ों प्रतिभाओ ने देश-विदेश में व्यापार एवं अन्य सेवाओ में अपना व अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल कोठारी ,  प्राचार्य सचेन्द्र बोहरा ,  प्रधानाचार्य अमिता गांधी ने विद्यार्थियों से गुरु...

*उदयपुर से फतापुरा विहार सूचना*

सुविशाल गच्छाधिपति लोकसन्तश्री वर्तमानाचार्य *श्रीमद्वि जयतंसेन सूरीश्र्वरजी म सा जी* *दिनांक 24 दिसम्बर 2016 सुबह उग्रसेनजी गोरवाडा का निवास बिग बाजार के सामने सुखडिया सर्कल के पास उदयपुर मे विराजमान रहेगे* गच्छाधिपति श्री शाम को विहार कर रात्रि विश्राम थुर स्कुल मे रहेगा, 25 दिसम्बर को पिन्डवाडा वाले मार्ग पर विहार जारी आगे विहार कर फतापुरा नगर मे गुरु सप्तमी पर्व के कार्यक्रम मे निश्रा प्रदान करेंगे! ✍🏽 ब्रजेश बोहरा नागदा