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CURRENT ISSUE 16-31 March 2017


























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नाडोल में विराजमान है आशाओं को पूर्ण करने वाली कुलदेवी आशापुरा माता

राजस्थान के पाली जिले में नाडोल के शासक परम प्रतापी  महाराजा राव लाखणसीजी चौहान द्वारा स्थापित श्री आशापुरा  माताजी का पवित्र भव्य तीर्थस्थल है|  कई विशाल पौराणिक मंदिरो और ऐतिहासिक विशाल बावडियों और परकोटों की धरोहर को अपनी ओर समेटे देवनगर नाडोल इन बड़े-बड़े विशाल मंदिरो के कारण अपनी विशेष पहचान बनाये हुये है| इतिहास: नाडोल शहर का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह अपनी नियमित गश्त पर था। परिक्रमा करते-करते प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट पर जा पहुंचा। पानी पीने के बाद नदी किनारे बसी चरवाहों की बस्ती पर जैसे ही लक्ष्मण ने अपनी सतर्क नजर डाली, एक झोंपड़ी पर हीरों के चमकते प्रकाश ने आकर्षित किया। वह तुरंत झोंपड़ी के पास पहुंचा और वहां रह रहे चरवाहे को बुलाकर प्रकाशित हीरों का राज पूछा। चरवाहा भी प्रकाश देखकर अचंभित हुआ। वस्त्र में हीरे चिपके देख चरवाहे के आश्चर्य की सीमा नही रही, उसे समझ ही नही आया कि जिस वस्त्र को उसने झोपड़ी पर डाला था, उस पर तो जौ के दाने चिपके थे। लक्ष्मण द्वारा पूछने पर चरवाहे ने बताया कि वह पहाड़ी ...

शक्ति पीठ नागणेची माता मंदिर-नागाणा धाम में माता का आशीर्वाद प्राप्त करने जुटी श्रद्धालुओं की भीड़

बालोतरा / गोडवाड ज्योती: नवरात्रि शुभारंभ के शुभ अवसर पर बालोतरा उपखंड के प्रसिद्ध शक्ति पीठ नागणेची माता मंदिर-नागाणा के प्रांगण में विधि-विधान के साथ अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना की गयी तथा नव दिवसीय महापूजन का आयोजन किया गया| उल्लेखनीय है कि अखिल राठौड़ वंश की कुलदेवी नागणेची माता के दर्शनों के लिए यूँ तो वर्ष भर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रहती है किन्तु नवरात्रि में यहाँ की रौनक निराली ही होती है| नागाणा धाम के ट्रस्टी उम्मेदसिंह अराबा ने बताया कि प्रकांड ब्राह्मणों के मुखारविंद से मंत्रोच्चार कर घट स्थापना तथा महाआरती में बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने शिरकत कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया| शक्ति पीठ पर सम्पूर्ण भारत भर से आये माता के भक्तों ने पूजा- अर्चना की। मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए ट्रस्ट की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गयी थी। साथ ही मन्दिर के तीर्थ परिसर के बाहर लगे मेले और सजे हाट बाजार में भी बड़ी तादाद में खरीदारी का लुफ्त उठाया।

श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा ने 95वां स्थापना दिवस मनाया

श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा ने 95वां स्थापना दिवस मनाया   रानी/ गोडवाड ज्योती: श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा का 95वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर संस्थान द्वारा संचालित इंग्लिश मीडियम स्कूल एवं बदामिया पीजी महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यकर्मो की प्रस्तुति दी ,  जिसमें सरस्वती वंदना ,  गुरु वल्लभ स्तुति के साथ गुरु विजय वल्लभ की जीवनी पर प्रकाश डाला। संस्था सचिव रमेश आर जैन ने बताया कि 1927 में जैन आचार्य गुरु विजय वल्लभ ने  गोडवाड़ क्षेत्र में इस शिक्षण संस्था की नींव डाली ,  जिसकी बदौलत आज पूरा क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर है। कोषाध्यक्ष मुकेश भंडारी एवं सह सचिव विजय सुराणा ने बताया कि सात विद्यार्थियों से आरम्भ हुए इस विद्यालय में क्षेत्र के सैकड़ों प्रतिभाओ ने देश-विदेश में व्यापार एवं अन्य सेवाओ में अपना व अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल कोठारी ,  प्राचार्य सचेन्द्र बोहरा ,  प्रधानाचार्य अमिता गांधी ने विद्यार्थियों से गुरु...