चंडीगढ़/गोडवाड ज्योती: अपने कड़वे वचनों के लिए मशहूर जैन मुनि तरुण सागरजी महाराज ने एक बार फिर कहा कि पकिस्तान हमारे देश के लिए बहुत बड़ी समस्या बनता जा रहा है| उसका एक ही एजंडा है कि भारत को परेशान करते रहो| जैन मुनी ने पाकिस्तान की तुलना कुत्ते की दुम से भी की, जो 12 साल नलकी में रखने के बाद भी सीधी नही होती है| जैन मुनि ने कहा कि जब तक उसको उसकी भाषा में जवाब नही मिल जाता है, वे अपनी हरकतों से बाज आने वाला नही है| उन्होंने कहा कि हालांकि भारतीय सेनाएं सीमाओं पर उनको माकूल जवाब दे रही हैं लेकिन जब हम उसे उसकी भाषा में समझायेंगे, तभी वो समझेगा| पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नही आ सकता|
जैन संत ने काले धन पर प्रहार करते हुए कहा कि काला धन काले कर्मों के समान है, जो किसी न किसी रूप में इंसान को परेशान करके रखता है| यदि चैन से रहना है तो जितनी जल्दी हो सके इससे पीछा छुड़ा लो| जमाखोरी से कुछ नही होने वाला, भारत आज भी सोने की चिड़िया है और रहेगा| काले धन पर 500 और हज़ार के नोट बंद करने को जैन संत ने सही बताते कहा कि इससे जहाँ आतंकवादियों की कमर टूटी है, उसी तरह माफिया भी परेशान है| आम आदमी को थोड़ी दिक्कत जरुर है, जो जल्द ठीक हो जाएगी| उन्होंने कहा कि देश की ज्यादातर संपत्ति चंद घरानों के पास है| अमीर और गरीब के बीच की बढ़ती खाई को पाटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कदम उठाया है, जो तारीफ के काबिल है| इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम होंगे| हर किसी को देश के विकास में अपना योगदान देना ही चाहिए।
जैन संत ने काले धन पर प्रहार करते हुए कहा कि काला धन काले कर्मों के समान है, जो किसी न किसी रूप में इंसान को परेशान करके रखता है| यदि चैन से रहना है तो जितनी जल्दी हो सके इससे पीछा छुड़ा लो| जमाखोरी से कुछ नही होने वाला, भारत आज भी सोने की चिड़िया है और रहेगा| काले धन पर 500 और हज़ार के नोट बंद करने को जैन संत ने सही बताते कहा कि इससे जहाँ आतंकवादियों की कमर टूटी है, उसी तरह माफिया भी परेशान है| आम आदमी को थोड़ी दिक्कत जरुर है, जो जल्द ठीक हो जाएगी| उन्होंने कहा कि देश की ज्यादातर संपत्ति चंद घरानों के पास है| अमीर और गरीब के बीच की बढ़ती खाई को पाटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कदम उठाया है, जो तारीफ के काबिल है| इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम होंगे| हर किसी को देश के विकास में अपना योगदान देना ही चाहिए।

Comments
Post a Comment