34 लच्छवाड के क्षत्रियकुंड तीर्थ से भगवान महावीर की मूल प्रतिमा चोरी होने से जैन समाज में भारी रोष, मूर्ति तलाशने की मांग तेज
मुम्बई/गोडवाड
ज्योती: भगवान
महावीर की जन्मभूमि लच्छवाड के क्षत्रियकुंड तीर्थ से भगवान महावीर स्वामी की अंदाजित 500kg वजन की मूल प्रतिमा चोरी होने से
महाराष्ट्र के समस्त जैन समाज में भारी रोष व्याप्त है। मुम्बई में बिराजित कई
जैनाचार्यों से सलाह के बाद वरिष्ठ विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा ने बिहार के राज्यपाल
रामनाथ कोविद व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से बात करके इस दुर्लभ एवं अत्यंत महत्वपूर्ण
प्रतिमा को तत्काल तलाशने व दोषी लोगों को पकड़ने की मांग की है। मान्यता है कि यह
प्रतिमा भगवान महावीर के भाई नंदीवर्धन ने भगवान के जीवितकाल में ही स्थापित करवाई
थी। जैन धर्म में इसे भगवान महावीर की प्रथम प्रतिमा माना जाता है। विधायक लोढ़ा
ने इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी बातचीत करके
बिहार सरकार से कारवाई तेज करवाने की मांग की है। ज्ञात हो कि बिहार के लच्छवाड़ में स्थित भगवन महावीर स्वामी के
जन्मस्थल क्षत्रियकुण्ड में बने 2600 साल पुराने ऐतिहासिक मंदिर से करीब पांच सौ
(500) किलो वजन की महावीर स्वामी की प्रतिमा 26/11/15 की रात चोरी हो गयी थी।
कालखंड के हिसाब से अतिप्राचीन एवं धार्मिक रूप से अतिमहत्वपूर्ण इस प्रतिमा के
चोरों को पकड़ा जाये एवं इस प्रतिमा को तुरंत जैन समाज को सौंपा जाए, यह मांग करते हुए बिहार सरकार से वहाँ
के धर्मस्थलों की सुरक्षा भी बढ़ाने की मांग की है। जैन अनुयायी इस घटना को धर्म का
बहुत बड़ा नुकसान मान रहे हैं।
भगवान महावीर
के जन्मस्थल से हुई इस अप्रत्याशित क्षति से सभी में रोष है| घटना के बारे में
विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार एवं राज्यपाल रामनाथ
कोविद सहित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत करके महाराष्ट्र
के जैन समाज की भावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बिहार के पुलिस महानिदेशक
एवं अन्य उच्चाधिकारियों से भी बातचीत
करके इस मामले में शीघ्र कठोर कदम उठाने की मांग की। बाबू अमीचंद देरासर के
वीरेंद्र भाई शाह, जैनशक्ति फाउंडेशन के कनक परमार, धर्मप्रेमी मुकेश बाबूलाल जैन, समस्त महाजन के गिरीश भाई शाह, वर्धमान परिवार के अतुल वृजलाल शाह आदि अग्रणी
ने इस घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए बिहार सरकार से तलाश तेज करने एवं प्रभावी
करवाई की मांग की है।
(खबर
लिखे जाने तक प्रतिमाजी का कोई पता नही चला है और अन्य कार्यवाही हेतु सभी
प्रयासरत हैं|)
नरपत जैन

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