जोधपुर/गोडवाड ज्योती: नियमों को दरकिनार कर शिक्षा विभाग से मान्यता लेने वाले निजी स्कूल पर अंकुश लगाने का रास्ता आखिरकार सरकार ने ढूंढ़ ही निकाला। दरअसल, जिस नियम से पूरे जोधपुर संभाग में निजी स्कूलों के मान्यता का ग्राफ नीचे आया है, वह है भूमि हस्तांतरण का नियम। हालांकि यह नियम है तो बहुत पुराना, लेकिन इस पर सख्ती ऑनलाइन सिस्टम शुरू करने के बाद आई है।
राज्य सरकार ने पिछले साल एक सर्कुलर निकाला था, जिसमें निजी स्कूलों को मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने से पहले स्कूल के लिए उपयोग में ली जाने वाली भूमि स्वयं के नाम से नही कर संस्था के नाम से करना था। साथ ही इसमें एक भी चूक से निजी स्कूलों के आवेदन के खारिज होने का प्रावधान भी था। इस नियम के लागू होते ही पाली जिले में वर्ष 2015-16 में 82 आवेदन प्राप्त हुए, इसमें से 81 निजी स्कूलों को मान्यता प्राप्त हुई और एक की मान्यता अन्य कारणों से अटका दी गई। इधर, जब सरकार ने इस पर सख्ती दिखाई तो निजी स्कूलों को मान्यता देने के मामले में सबसे ज्यादा फाइलें भी पाली के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लंबित हैं। पाली जिला शिक्षा अधिकारी के पास 102 में से करीब 95 फाइलें लंबित पड़ी है, जबकि जैसलमेर जिला शिक्षा अधिकारी के पास 45 में से 40 और बाड़मेर जिला शिक्षा अधिकारी के पास 83 में से 18 फाइलें पेंडिंग पड़ी है।
ऑनलाइन होने के बाद निजी स्कूलों को मान्यता देने की फाइलें जल्द से जल्द निपटाने के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पाबंद किया गया, मगर पाली, बाड़मेर और जैसलमेर जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों ने उन स्कूलों को मान्यता दी और उनके आवेदन निरस्त किए। इससे असंतुष्ट वरिष्ठ उपशासन सचिव ने तीनों जिला शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
राज्य सरकार ने पिछले साल एक सर्कुलर निकाला था, जिसमें निजी स्कूलों को मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने से पहले स्कूल के लिए उपयोग में ली जाने वाली भूमि स्वयं के नाम से नही कर संस्था के नाम से करना था। साथ ही इसमें एक भी चूक से निजी स्कूलों के आवेदन के खारिज होने का प्रावधान भी था। इस नियम के लागू होते ही पाली जिले में वर्ष 2015-16 में 82 आवेदन प्राप्त हुए, इसमें से 81 निजी स्कूलों को मान्यता प्राप्त हुई और एक की मान्यता अन्य कारणों से अटका दी गई। इधर, जब सरकार ने इस पर सख्ती दिखाई तो निजी स्कूलों को मान्यता देने के मामले में सबसे ज्यादा फाइलें भी पाली के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लंबित हैं। पाली जिला शिक्षा अधिकारी के पास 102 में से करीब 95 फाइलें लंबित पड़ी है, जबकि जैसलमेर जिला शिक्षा अधिकारी के पास 45 में से 40 और बाड़मेर जिला शिक्षा अधिकारी के पास 83 में से 18 फाइलें पेंडिंग पड़ी है।
ऑनलाइन होने के बाद निजी स्कूलों को मान्यता देने की फाइलें जल्द से जल्द निपटाने के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पाबंद किया गया, मगर पाली, बाड़मेर और जैसलमेर जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों ने उन स्कूलों को मान्यता दी और उनके आवेदन निरस्त किए। इससे असंतुष्ट वरिष्ठ उपशासन सचिव ने तीनों जिला शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

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