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फाम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वित्तमंत्री मेघवाल ने की जीएसटी 'एक देश-एक टैक्स' प्रणाली की सराहना

मुंबई/गोडवाड ज्योती: फैडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र (फाम) द्वारा जीएसटी विषयक परिचर्चा तथा सम्मान समारोह का आयोजन नरीमन प्वाइंट स्थित यशवंतराव चव्हाण सभागार में किया गया, जिसमें केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार व्यापारियों के साथ भागीदारी की तर्ज पर विकास पथ पर प्रशस्त होने की दिशा में आगे बढ़ रही है और इसमें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश की साढ़े सात सौ व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि जीएसटी लागू होने के साथ ही देश भर के व्यापारी एक नेटवर्क से जुड़ जाएंगे और व्यापारियों का विभिन्न सरकारी अधिकारियों से सीधा सरोकार मिट जाएगा। इससे समूचे व्यापारिक जगत को राहत मिलेगी। मेघवाल ने कहा कि सरकार जीएसटी से जुड़ी जानकारियों को लेकर देश भर में परामर्श केन्द्र स्थापित करने की दिशा में भी गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है। इन केन्द्रों पर इस टैक्स के संबंध में सूचनाएं प्राप्त करने, रिटर्न भरने, रिफंड लेने सहित अनेक सुविधाएं व्यापारियों को एक ही छत के नीचे मुफ्त मिल सकेगी। साथ ही सरकार एक साल तक प्रायोगिक तौर पर शुरू की जाने वाली इस व्यवस्था का मूल्यांकन करने के बाद स्थाई व्यवस्था कायम करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। जीएसटी 'एक देश-एक टैक्स' की अवधारणा पर आधारित राष्ट्र की एक ऐसी कर प्रणाली है, जो कि आने वाले समय में सार्वजनिक हिताय के आदर्श पर खरी उतरेगी। 
वित्त राज्य मंत्री ने उपस्थित व्यापारिक संघों के प्रतिनिधियों की जीएसटी संबंधित अनेक समस्याएं सुनी तथा उनका मौके पर ही निराकरण किया। मेघवाल ने फाम के पांच सेवा संकल्पों की सराहना की तथा उनके 'आर्बिट्रेशन' (पंचाट निर्णय) संबंधित कार्य के लिए हर संभव सहयोग उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम को महाराष्ट्र शासन के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री गिरीश बापट, महाराष्ट्र विधानसभा के मुख्य सचेतक एवं कुलाबा विधायक राज के. पुरोहित सहित फाम के अध्यक्ष विनेश गोयल, महासचिव आशीष मेहता ने वित्त राज्य मंत्री का शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मान किया गया। समारोह का संचालन प्रशांत राव ने किया।

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