पाली/गोडवाड ज्योती: जिले के कुछ सरकारी विद्यालयों में अध्ययन महज औपचारिकता निभाने के लिए करवाया जा रहा है। पाली ब्लॉक करीब 75 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 19 विद्यालयों से पिछले वर्ष आठवीं बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों का परिणाम 50 प्रतिशत से ज्यादा डी ग्रेड रहा। इसके अलावा सोजत, सुमेरपुर, रानी, जैतारण, रायपुर, देसूरी, बाली, मारवाड़ जंक्शन व रोहट की सूचना अभी तक जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजी ही नही गई है, जबकि पूरे दस ब्लॉक में 1287 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल है। इनमें से 700 से अधिक स्कूल तो उच्च प्राथमिक है। आठवीं बोर्ड की परीक्षा हालांकि वैकल्पिक थी लेकिन ऐसे परिणाम से अध्यापकों के विद्यालयों में पढ़ाने की स्थिति सामने आ गई है। अधिकारियों की माने तो 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के डी ग्रेड आने का अर्थ है विद्यालय में 50 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थी फेल हुए हैं।
जिन विद्यालयों में परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा है। उनके शिक्षकों को नोटिस देने के लिए ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों के नाम कारण बताओ नोटिस दिए हैं। शिक्षकों का जवाब आने पर बीईईओ उस पर टिप्पणी करेंगे। परिणाम कम देने पर भी ऐसे अध्यापकों को राहत मिल सकती है, जिन्होंने कक्षा में बहुत कम समय तक अध्ययन कराया है, जिनका विषय बीच में बदल दिया गया और वे परीक्षा से पहले कम समय तक ही अध्ययन करवा सके। जिन अध्यापकों को पूरे सत्र में एक ही विषय एक ही कक्षा में पढ़ाया है, उनको राहत नही मिलेगी।
जिन विद्यालयों में परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा है। उनके शिक्षकों को नोटिस देने के लिए ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों के नाम कारण बताओ नोटिस दिए हैं। शिक्षकों का जवाब आने पर बीईईओ उस पर टिप्पणी करेंगे। परिणाम कम देने पर भी ऐसे अध्यापकों को राहत मिल सकती है, जिन्होंने कक्षा में बहुत कम समय तक अध्ययन कराया है, जिनका विषय बीच में बदल दिया गया और वे परीक्षा से पहले कम समय तक ही अध्ययन करवा सके। जिन अध्यापकों को पूरे सत्र में एक ही विषय एक ही कक्षा में पढ़ाया है, उनको राहत नही मिलेगी।

Comments
Post a Comment