बाड़मेर/गोडवाड ज्योती: विषम प्राकृतिक परिस्थितियों में अपने खेल को तराशने वाले खिलाड़ी अब अपने ही गांव में खेल में बदलाव होते देखेंगे| महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत राज्य का पहला ग्रामीण खेल स्टेडियम बाड़मेर के बायतु से महज 10 किलोमीटर दूर खिवालिसरा में तैयार किया गया है| इस मैदान के निर्माण में लगी मेहनत साफ नजर आती है| इस खेल मैदान का जल्द ही विधिवत उद्घाटन भी एक समारोह के साथ होगा|
अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक सुरेश कुमार दाधीच ने बताया कि सुविधाओं के अभाव में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में अपना लोहा मनवाने वाले सीमावर्ती बाड़मेर जिले के खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत बीते साल ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए नवीन खेल मैदान बनने की स्वीकृतियां जारी हुई थी| जिले भर में बनने वाले 164 ग्रामीण खेल स्टेडियम में से सोमसरा ग्राम पंचायत में सरपंच हिरोदेवी ने ग्रामीण खेल मैदान की वितीय स्वीकृति जारी होते ही काम शुरू करवा दिया था, जिसके चलते इस गांव में सबसे पहला खेल मैदान बनकर तैयार हो गया है| इस नवीन खेल मैदान बनने के बाद जहां बच्चों के खेल के प्रति रुझान और अधिक बढ़ा है, वहीं इस मैदान में सुबह-शाम खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों का जमघट साफ नजर आ रहा है|
अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक सुरेश कुमार दाधीच ने बताया कि सुविधाओं के अभाव में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में अपना लोहा मनवाने वाले सीमावर्ती बाड़मेर जिले के खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत बीते साल ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए नवीन खेल मैदान बनने की स्वीकृतियां जारी हुई थी| जिले भर में बनने वाले 164 ग्रामीण खेल स्टेडियम में से सोमसरा ग्राम पंचायत में सरपंच हिरोदेवी ने ग्रामीण खेल मैदान की वितीय स्वीकृति जारी होते ही काम शुरू करवा दिया था, जिसके चलते इस गांव में सबसे पहला खेल मैदान बनकर तैयार हो गया है| इस नवीन खेल मैदान बनने के बाद जहां बच्चों के खेल के प्रति रुझान और अधिक बढ़ा है, वहीं इस मैदान में सुबह-शाम खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों का जमघट साफ नजर आ रहा है|

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