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‘आराधना’ के थाईलैंड शिविर की तैयारियां जोरों पर

मुंबई/गोडवाड ज्योती: हिन्दू धर्म एवं धार्मिक साधना, आराधना व जीवन के उपयोगी तत्वों के प्रचार-प्रसार हेतु कार्यरत संस्था आराधना अपना पहला शिविर थाईलैंड के पटाया में आयोजित करने जा रही है। कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की बैठकों और मुलाकातों का दौर शुरू हो चुका है, जिसका पहला पड़ाव 6 दिसंबर को गुजरात के सूरत में आयोजित किया गया। गुजरात स्थित सूरत में आयोजित ‘आराधना’ के शिविर को लेकर बैठक में गुजरात उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जिनमें आदित्य तिक्कू, जीतेंद्र सुराणा, महेंद्र गोल, संदीप डांगी, महादेव राठी, संजय बियानी, सुदर्शन श्यामसुखा एवं नीलेश जैन सहित कई पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि ‘आराधना’ द्वारा अतःकरण की शांति तथा विकारों पर विजय कैसे पाएं विषय पर अपने पहले शिविर का आयोजन थाईलैंड के पटाया में किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। यहां पांच दिवसीय शिविर के माध्यम से अतःकरण की साधना का अभ्यास, आराधना, साधना, योग, योगा, प्रवचन, अंतःकरण अवलोकन, अस्ट्रोलॉजी, टैरो आदि पर विषयों पर कार्यशाला एवं अभ्यास का विशेष आयोजन किया गया है, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा इन विषयों पर व्याख्यान व अभ्यास कराया जाएगा। शिविर में शामिल होने के लिए मो. नं. +91-7666789992 पर संपर्क कर सकते हैं।

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नाडोल में विराजमान है आशाओं को पूर्ण करने वाली कुलदेवी आशापुरा माता

राजस्थान के पाली जिले में नाडोल के शासक परम प्रतापी  महाराजा राव लाखणसीजी चौहान द्वारा स्थापित श्री आशापुरा  माताजी का पवित्र भव्य तीर्थस्थल है|  कई विशाल पौराणिक मंदिरो और ऐतिहासिक विशाल बावडियों और परकोटों की धरोहर को अपनी ओर समेटे देवनगर नाडोल इन बड़े-बड़े विशाल मंदिरो के कारण अपनी विशेष पहचान बनाये हुये है| इतिहास: नाडोल शहर का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह अपनी नियमित गश्त पर था। परिक्रमा करते-करते प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट पर जा पहुंचा। पानी पीने के बाद नदी किनारे बसी चरवाहों की बस्ती पर जैसे ही लक्ष्मण ने अपनी सतर्क नजर डाली, एक झोंपड़ी पर हीरों के चमकते प्रकाश ने आकर्षित किया। वह तुरंत झोंपड़ी के पास पहुंचा और वहां रह रहे चरवाहे को बुलाकर प्रकाशित हीरों का राज पूछा। चरवाहा भी प्रकाश देखकर अचंभित हुआ। वस्त्र में हीरे चिपके देख चरवाहे के आश्चर्य की सीमा नही रही, उसे समझ ही नही आया कि जिस वस्त्र को उसने झोपड़ी पर डाला था, उस पर तो जौ के दाने चिपके थे। लक्ष्मण द्वारा पूछने पर चरवाहे ने बताया कि वह पहाड़ी ...

शक्ति पीठ नागणेची माता मंदिर-नागाणा धाम में माता का आशीर्वाद प्राप्त करने जुटी श्रद्धालुओं की भीड़

बालोतरा / गोडवाड ज्योती: नवरात्रि शुभारंभ के शुभ अवसर पर बालोतरा उपखंड के प्रसिद्ध शक्ति पीठ नागणेची माता मंदिर-नागाणा के प्रांगण में विधि-विधान के साथ अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना की गयी तथा नव दिवसीय महापूजन का आयोजन किया गया| उल्लेखनीय है कि अखिल राठौड़ वंश की कुलदेवी नागणेची माता के दर्शनों के लिए यूँ तो वर्ष भर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रहती है किन्तु नवरात्रि में यहाँ की रौनक निराली ही होती है| नागाणा धाम के ट्रस्टी उम्मेदसिंह अराबा ने बताया कि प्रकांड ब्राह्मणों के मुखारविंद से मंत्रोच्चार कर घट स्थापना तथा महाआरती में बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने शिरकत कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया| शक्ति पीठ पर सम्पूर्ण भारत भर से आये माता के भक्तों ने पूजा- अर्चना की। मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए ट्रस्ट की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गयी थी। साथ ही मन्दिर के तीर्थ परिसर के बाहर लगे मेले और सजे हाट बाजार में भी बड़ी तादाद में खरीदारी का लुफ्त उठाया।

34 लच्छवाड के क्षत्रियकुंड तीर्थ से भगवान महावीर की मूल प्रतिमा चोरी होने से जैन समाज में भारी रोष, मूर्ति तलाशने की मांग तेज

मुम्बई/गोडवाड ज्योती: भगवान महावीर की जन्मभूमि लच्छवाड के क्षत्रियकुंड तीर्थ से भगवान महावीर स्वामी की अंदाजित 500 kg वजन की मूल प्रतिमा चोरी होने से महाराष्ट्र के समस्त जैन समाज में भारी रोष व्याप्त है। मुम्बई में बिराजित कई जैनाचार्यों से सलाह के बाद वरिष्ठ विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविद व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से बात करके इस दुर्लभ एवं अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतिमा को तत्काल तलाशने व दोषी लोगों को पकड़ने की मांग की है। मान्यता है कि यह प्रतिमा भगवान महावीर के भाई नंदीवर्धन ने भगवान के जीवितकाल में ही स्थापित करवाई थी। जैन धर्म में इसे भगवान महावीर की प्रथम प्रतिमा माना जाता है। विधायक लोढ़ा ने इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी बातचीत करके बिहार सरकार से कारवाई तेज करवाने की मांग की है। ज्ञात हो कि बिहार के लच्छवाड़ में स्थित भगवन महावीर स्वामी के जन्मस्थल क्षत्रियकुण्ड में बने 2600 साल पुराने ऐतिहासिक मंदिर से करीब पांच सौ (500) किलो वजन की महावीर स्वामी की प्रतिमा 26/11/15 की रात चोरी हो गयी थी। कालखंड के हिसाब से अतिप्राचीन ए...