शिवगंज/गोडवाड ज्योती: गोडवाड क्षेत्र के सबसे बडे राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 2010 में ब्लड स्टोरेज का शुभारंभ हुआ था लेकिन वर्तमान में इस पर ताला लगा हुआ हैं। जानकारों के अनुसार यह ब्लड स्टोरेज पिछले करीब पांच सालों से बंद पड़ा है| इतना ही नही प्रशासन एवं ब्लड स्टोरेज के लिए उपलब्ध करवाये गए उपकरण पर भी धुल की परतें जमी हैं, जिसकी सुध कोई नही ले रहा है| ऐसे में समय पर जरूरतमंद मरीजो व दुर्घटना में घायल होने के दौरान उपचार के लिए लाने वाले मरीजो को ब्लड की सुविधा नसीब नही पाती हैं। ब्लड स्टोरेज का संचालन व्यवस्थित रूप से ना हो पाने के कारण मरीजो के परिजनो को सुमेरपुर के भगवान महावीर अस्पताल या फिर शिवगंज से करीब 40 की दुरी पर स्थित सिरोही जिला मुख्यालय तक जाना पडता हैं। कई बार ऐसे में मरीज को समय पर ब्लड की सुविधा उपलब्ध ना हो पाने के कारण जान से हाथ धोना भी पड सकता है। ब्लड स्टोरेज रूम में रक्त रखने के लिए फ्रीज, एसी व इसके लिए डिजिटल जनरेटर व अन्य किमती सामान पडा हुआ है, जिसकी किमत लाखों में है| फ्रीज में बीस यूनिट रक्त रखने की सुविधा हैं। जानकार बताते हैं कि ब्लड बैंक, ब्लड स्टोरेज के लिए पैथॉलोजिस्ट डॉक्टर की नियुक्ति जरूरी है, जबकी राजकीय अस्पताल शिवगंज में पैथॉलोजिस्ट डॉक्टर का पद भी सृजित नही है, न ही किसी ने इस पद को स्वीकृत करने के लिए मांग उठाई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जयपुर में इसकी ट्रेनिंग होने के बाद डॉ. शक्तिसिंह सिसोदिया व लेब तकनीकी अधिकारी उजाराम मीणा के नाम पर दो वर्ष की अवधि के लिए इसका लाइसेंस जारी किया गया था लेकिन डॉ. शक्तिसिंह के स्थानांतरण होने के बाद से ही यह ब्लड स्टोरेज रम बंद पडा हैं। इसके बाद चिकित्सा प्रशासन ने 31 मई 2016 को ब्लड स्टोरेज के लाइसेंस का नवीनीकरण करवाने के लिए आवेदन भी किया लेकिन अभी तक नवीनीकरण नही हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जयपुर में इसकी ट्रेनिंग होने के बाद डॉ. शक्तिसिंह सिसोदिया व लेब तकनीकी अधिकारी उजाराम मीणा के नाम पर दो वर्ष की अवधि के लिए इसका लाइसेंस जारी किया गया था लेकिन डॉ. शक्तिसिंह के स्थानांतरण होने के बाद से ही यह ब्लड स्टोरेज रम बंद पडा हैं। इसके बाद चिकित्सा प्रशासन ने 31 मई 2016 को ब्लड स्टोरेज के लाइसेंस का नवीनीकरण करवाने के लिए आवेदन भी किया लेकिन अभी तक नवीनीकरण नही हुआ है।

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