जयपुर/गोडवाड ज्योती: केंद्रीय सैनिक बोर्ड की ओर से चल रही एजुकेशन ग्रांट योजना के अंतर्गत जिले के किसी भी स्कूल-कॉलेज में कक्षा पहली से ग्रेजुएशन तक पढाई कर रहे सिपाही से हवलदार रैंक तक के भूतपूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं के बच्चों को एक हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से सालाना 12 हजार रुपए मिलेंगे। जानकारी अनुसार जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में अब तक इस योजना के लिए 100 आवेदन पत्र प्राप्त हो चुके है। इस योजना का लाभ हवलदार रैंक तक के भूतपूर्व सैनिक एवं वीरांगनाओं के दो बच्चे एक साथ ले सकते हैं। इसके लिए ई-मित्र केंद्रों पर ऑनलाईन आवेदन करना होगा। बच्चों के एजुकेशन ग्रांट के आवेदन को चैक करके राज्य सैनिक कल्याण विभाग जयपुर को भेजा जाएगा। वहां से इस आवेदन को ऑनलाइन दिल्ली भेजा जाएगा। इसके बाद एक हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से सालाना 12 हजार रुपए एक बच्चे को मिलेंगे।
राजस्थान के पाली जिले में नाडोल के शासक परम प्रतापी महाराजा राव लाखणसीजी चौहान द्वारा स्थापित श्री आशापुरा माताजी का पवित्र भव्य तीर्थस्थल है| कई विशाल पौराणिक मंदिरो और ऐतिहासिक विशाल बावडियों और परकोटों की धरोहर को अपनी ओर समेटे देवनगर नाडोल इन बड़े-बड़े विशाल मंदिरो के कारण अपनी विशेष पहचान बनाये हुये है| इतिहास: नाडोल शहर का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह अपनी नियमित गश्त पर था। परिक्रमा करते-करते प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट पर जा पहुंचा। पानी पीने के बाद नदी किनारे बसी चरवाहों की बस्ती पर जैसे ही लक्ष्मण ने अपनी सतर्क नजर डाली, एक झोंपड़ी पर हीरों के चमकते प्रकाश ने आकर्षित किया। वह तुरंत झोंपड़ी के पास पहुंचा और वहां रह रहे चरवाहे को बुलाकर प्रकाशित हीरों का राज पूछा। चरवाहा भी प्रकाश देखकर अचंभित हुआ। वस्त्र में हीरे चिपके देख चरवाहे के आश्चर्य की सीमा नही रही, उसे समझ ही नही आया कि जिस वस्त्र को उसने झोपड़ी पर डाला था, उस पर तो जौ के दाने चिपके थे। लक्ष्मण द्वारा पूछने पर चरवाहे ने बताया कि वह पहाड़ी ...

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