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सीमा पर तनाव: BSF ने दिया ऐसा जवाब कि घुटनों पर आए पाक रेंजर्स, दिखाए सफेद झंडे

सरकारी अफसरों ने गुरुवार को बताया कि पाकिस्तानी सेना सीमा से सटे इलाकों में जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बना रही है। 29 सितंबर को भारतीय सेना की एलओसी के पार स्थित आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पड़ोसी मुल्क 'इज्जत बचाने' की हर कोशिश में लगा हुआ है। वहीं, पाकिस्तान की ओर से बिना उकसावे फायरिंग का भारतीय सुरक्षाबलों ने ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया है कि पाक रेंजर्स को एक बार तो घुटने ही टेकने पड़े। शायद यही वजह है कि फिलहाल सीमा पर शांति छाई हुई है।

अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने अपनी सेनाओं को आदेश दिया है कि 'बदले' के लिए बीएसएफ, सेना से लेकर आम लोगों तक को बख्शा न जाए। पाकिस्तान के हालिया रुख से उसकी यह स्ट्रैटिजी साफ नजर आती है। पश्चिमी सीमा पर संघर्षविराम के 500 मामलों में से दो तिहाई बीते पांच हफ्तों में सामने आए हैं। सिर्फ जम्मू की बात करें तो यहां इस साल सीजफायर के 200 मामले दर्ज किए गए। इनमें से अधिकतर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हुए। 2015 में पाक की ओर से 405 सीजफायर उल्लंघन के मामले सामने आए थे।

तीन मोर्चे पर लड़ रहा बीएसएफ

अधिकारियों के मुताबिक, बीएसएफ को पाक सेना, पाक रेंजर्स और आतंकवादियों की 'तिकड़ी' से निपटना पड़ रहा है। पाक सेना और रेंजर्स की फायरिंग का फायदा उठाकर आतंकी सीमा पार करने की लगातार कोशिश में हैं। हालांकि, भारतीय बलों ने पाकिस्तानी फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया है। वहीं, इस फायरिंग की वजह से सीमा से सटे इलाकों में बहुत सारे आम लोग पलायन कर गए हैं। 100 से ज्यादा स्कूलों को बंद करना पड़ा है।

जब पाक रेंजर्स ने दिखाए सफेद झंडे
बीएसएफ के मुंहतोड़ जवाब की वजह से पाक रेंजर्स अब बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दिवाली से दो दिन पहले पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने जम्मू के अखनूर सेक्टर में भारतीय चौकियों को बिना किसी उकसावे के छोटे हथियारों और मॉर्टार से निशाना बनाया। बीएसएफ ने इसका ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया कि पाकिस्तानी रेंजर्स सफेद झंडे लहराने के लिए मजबूर हो गए ताकि भारतीय पक्ष की ओर से फायरिंग बंद की जाए। बता दें कि भारतीय जवाबी कार्रवाई में कई पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे।

पाकिस्तान की पुरानी आदत

बीएसएफ ने अखनूर में रेंजर्स को हर तरीके से जवाब देने का फैसला किया था। यह इलाका सामरिक नजरिए से बेहद अहम माना जाता है और 'चिकन नेक' भी कहलाता है। चिकन नेक इसलिए क्योंकि पाकिस्तान का एक बड़ा भूभाग भारत के अंदर है। अधिकारी ने बताया, 'रेंजर्स ने जब सफेद झंडे दिए और बातचीत की मांग की तो बीएसएफ ने फायरिंग बंद की। रेंजर्स को साफ तौर पर यह बता दिया गया कि बातचीत सिर्फ कमांडर लेवल पर मुमकिन है।' इसके बाद से ऐसी कोई खबर नहीं आई कि रेंजर्स ने दोबारा से भारतीय पोस्ट को निशाना बनाया। अधिकारी ने बताया कि यह पाकिस्तान की पुरानी आदत है। जब उनके सुरक्षाबलों को यह लगने लगता है कि वे भारतीय प्रतिक्रिया का जवाब नहीं दे सकते तो शांति की बात करने लगते हैं।

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