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चोरी के कटर से चुराई करोड़ों की मूर्तियां, बेचने की फिराक में आए हाथ में

उदयपुर। शहर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र में गत दिनों एक जैन मंदिर से 500 वर्ष पुरानी और वर्तमान में करोड़ों की किमत रखने वाली मूर्तियों को चोरी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने चोरी के एक कटर से मंदिर की तीन तरह की सुरक्षा को भेदते हुए बहुमूल्य मूर्तियां चोरी कर ली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मूर्तियों को बरामद कर लिया है और शेष 3 मूर्तियों को बरामद करने के लिए पुलिस की एक टीम को भेजा गया है। बेचने की फिराक मेें घूम रहे आरोपियों को पुलिस ने दबोचा ।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि सवीना में स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में 24 अक्टूबर की रात्रि को अज्ञात चोर छत वाले रास्ते पर लग रहे दरवाजे को तोड़ अंदर घुस गए। चोरों ने मंदिर में ही एक अन्य मुख्य गेेट को तोड़ा। चोरों ने मंदिर में ही निज मंदिर के दरवाजे के उपर लग रही जालियों में से तीन से चार जालियां तोड़ी और अंदर घुस जिन मंदिर में स्थित करीब 500 वर्ष पुरानी चौबीस भगवान की मूर्ति को चोरी कर लिया। इसके साथ ही मंदिर में विभिन्न जगहों पर स्थापित भगवान नंदीश्वरजी, भगवान वासुपूज्य, भगवान नेमीनाथ, भगवान पाश्र्वनाथ के साथ-साथ दो माता पद्मावती की प्रतिमाओं को चुरा ले गए। इन प्रतिमाओं की बाजार में करोड़ों रूपए किमत आंकी जा रही है। इसके साथ ही चोरों ने अंबामाता मंदिर और एक अन्य मंदिर के दानपात्र से चोरी की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुधीर जोशी के निर्देशन में, डिप्टी भगवतसिंह हिंगड़ के नेतृत्व में थानाधिकारी हिरणमगरी संजीव स्वामी, उपनिरीक्षक अरूणसिंह, हैड कांस्टेबल विक्रमसिंह, कांस्टेबल राजेन्द्रसिंह, उपेन्द्रसिंह, रमेश की एक टीम का गठन किया। इस टीम ने जांच की तो सामने आया कि घटना वाली रात्रि को आदतन मंदिरों में चोरिया करने वाले दो युवक करण उर्फ कन्हैयालाल पुत्र चतरा मीणा निवासी पाल सैपुर फलां तेजावत सराड़ा और प्रेमलाल पुत्र कोदरा मीणा निवासी पाल सैपुर फलां हंगावत सराड़ा को क्षेत्र में देखा गया था। इस पर पुलिस ने शंका के आधार पर इन आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। तलाशी के दौरान पता चला कि आरोपी मूर्तियों को बेचने के लिए बड़ौदा और महाराष्ट्र की ओर रवाना होने वाले है। इस पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश की और दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा तथा उनके घरों की तलाशी ली तो आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 500 वर्ष पुरानी चौबीसी भगवान, दो पद्मावतीजी की और एक नेमीनाथ भगवान की मूर्तियां बरामद कर ली।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने शेष तीन मूर्तियों को बेचने के लिए अपने एक साथी को दी है। जो बड़ौदा की तरफ गया हुआ है, जिसे पकडऩे के लिए पुलिस की टीम को रवाना कर दिया।
पुलिस को आरोपियों के पास में एक कटर मिला है। यह कटर भी आरोपियों ने चोरी किया था इस कटर की विशेषता यह है कि यह एक ताले को मात्र 10 से 15 सैकण्ड में ही काट देता है। इन दोनों आरोपियों द्वारा जहां पर भी चोरियां की है वहां पर इस कटर को साथ लेकर जाते है और कुछ ही सैकण्डों में ताले को काटकर मकान में हाथ साफ कर कुछ ही देर में निकल जाते है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने इस कटर की सहायता से ही मंदिर में तीन स्तर की सुरक्षा को काट दिया और मंदिर में घुस गए। पुलिस के अनुसार आरोपियों में से करण के खिलाफ चोरी, नकबजनी और लड़ाई झगड़े के करीब 7 प्रकरण चल रहे है वहीं आरोपी प्रेमलाल के खिलाफ इसी तरह के 6 मामले चल रहे है। पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।आरामशीन में कटा हुआ है प्रेमलाल का हाथ
आरोपियों में से प्रेमलाल का एक हाथ आरामशीन में आने से कटा हुआ है। आरोपी पहले अहमदाबाद में आरामशीन पर काम करता था। करीब 10 से 12 वर्ष पूर्व उसका हाथ आरामशीन में आ गया था और पंजा कट गया था। इसके बाद उसने चोरियां, नकबजनी करने का काम शुरू कर दिया।
रैकी की और इसके बाद हुई चोरी
थानाधिकारी संजीव स्वामी ने बताया कि आरोपियों ने पहले मंदिर की रैकी की थी और इस दौरान पता चला कि मंदिर में जो मूर्तियां है वे करीब 500 वर्ष से अधिक पुरानी है, जिसकी बाजार में करोड़ों रूपए किमत है। इसी कारण आरोपियों ने चोरी की योजना बनाई और रात्रि को मौका देखकर चोरी कर ली।जैन समाज के लोगों ने मालाएं पहना जताया आभार
पत्रकार वार्ता के दौरान ही मंदिर के पदाधिकारी और जैन समाज के काफी लोग एकत्रित हो गए थे। इन सभी ने पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुधीर जोशी, डिप्टी भगवतसिंह हिंगड़ और थानाधिकारी संजीव स्वामी को मालाएं पहनाकर आभार व्यक्त किया।

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