राज्य की मेरिट लिस्ट में चौथा स्थान किन्तु राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की गलती ने किया हर ख़ुशी के लम्हों से दूर
जयपुर/गोडवाड ज्योती: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की एक गलती से बारहवीं कक्षा की एक छात्रा को एक लाख रुपये के इनाम से वंचित रहना पड़ा। यही नही, बारहवीं की छात्रा प्रियंका शर्मा बोर्ड की गलती की वजह से अपने मनचाहे विषय भी नही चुन पाई। दरअसल प्रियंका टोंक जिले के मालपुरा में एक सरकारी स्कूल की छात्रा थी और वो पढ़ाई में हमेशा ही अव्वल रही है। इस बार उसने १२वीं बोर्ड का एक्जाम दिया था और उसने सिवाय पॉलिटिकल साइंस के हर विषय में ९० फीसदी अंक हासिल किए। भूगोल में ९९, अंग्रेजी में ९५, हिंदी में ९७ बस पॉलिटिकल साइंस में उसे २७ नंबर मिले। प्रियंका ने जब रिजल्ट देखा तो दंग रह गई क्योंकि एक विषय को छोड़कर उसके सभी विषयों में ९० फीसदी माक्र्स थे। उसने ६० फीसदी से कम नंबर कभी भी हासिल नही किए थे इसलिए तुरंत उसने कॉपी दोबारा चेक कराने के लिए आवेदन किया और जब नतीजा आया तो सब हैरान थे क्योंकि उसे राज्य की मेरिट लिस्ट में चौथा स्थान मिला था। लेकिन जब तक रिजल्ट आया तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दौरान राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राज्य सरकार और सामाजिक संस्थाओं ने छात्रों को सम्मानित करने के लिए बहुत से आयोजन किए जिसमें छात्रों को नकद पुरस्कार और मेडल दिए गए लेकिन प्रियंका को इन सब से वंचित रहना पड़ा।
राजस्थान बोर्ड की लापरवाही से नाराज प्रियंका का कहना है कि अगर उसके नतीजे सही और समय पर आते तो वो अपने मनचाहे विषय से स्नातक में एडमिशन ले सकती थी और उसको पुरस्कार भी मिलते। प्रियंका का कहना है कि इस गलती के लिए जिम्मेदारी लेनी होगी और उसे अपने मनचाहे विषय से दाखिला और पुरस्कार भी चाहिए। इस मामले में प्रियंका के स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि इस गलती की जिम्मेदारी राजस्थान बोर्ड को लेनी चाहिए। इस दौरान प्रियंका मानसिक प्रताड़ना से भी गुजरी है।


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