Skip to main content

श्री नाकोड़ा पूर्णिमा मंडल द्वारा एक शाम नाकोड़ा भैरव के नाम भक्ति संध्या संपन्न

उदयपुर/गोडवाड ज्योती: श्री नाकोड़ा पूर्णिमा मंडल के तत्वावधान में ६ नवम्बर को टाउनहॉल में एक शाम नाकोड़ा भैरव के नाम भक्ति संध्या का आयोजन प.पु. सुधर्मसागरजी म.सा. की पावन निश्रा में किया गया। विदित हो कि पूजन से दो दिवस पूर्व मुख्य अतिथि महापौर चन्द्रसिंह कोठारी सहित मण्डल के सदस्यों द्वारा भूमि पूजन किया गया था। तत्पश्चात ४०००० स्क्वायर फीट के पांडाल निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया गया। इस भक्ति संध्या में देश के विभिन्न शहरों से हजारों भैरव भक्तों ने सम्मिलित होकर अपने इष्टदेव के भजनों पर स्वयं को झूमनें से नही रोक पायें। भक्ति संध्या के मुख्य अतिथि महापौर चन्द्रसिंह कोठारी सहित मनोजजी शोभावत, प्रवीण रतलिया, कमल हिंगड़, दिलकुश कावड़िया, हस्तीमल लोढ़ा, पारसमल लोढ़ा एवं समाजसेवी डी.सी. जैन एवं कार्यक्रम अध्यक्ष चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक प्रसन्न खमेसरा थे।

संस्था के नितिनजी नागौरी ने बताया कि भक्ति संध्या का शुभारंभ मस्तमौला व्यक्तित्व के धनी संगीतकार विपिन पोरवाल-बैंगलोर ने नमस्कार महामंत्र के साथ किया। उसके बाद उनकी एक के बाद एक बेहतरीन प्रस्तुति ने भैरव भक्तों को झूमनें एवं नाचने पर मजबूर कर दिया। भक्ति संध्या में नाकोड़ा पाश्र्वनाथ एवं नाकोड़ा भैरव देव की १०८ दीपकों से महाआरती की गई तथा सभी भक्तों को अभिमंत्रित रक्षापोटली वितरीत की गई। कार्यक्रम में विराजित श्री नाकोड़ा भैरवजी की प्रतिमा की हीरे-जवाहरात से सुसज्जित नयनाभिराम भव्य एवं आकर्षक अंगरचना की गई थी। कार्यक्रम में विशेष रूप से श्री नाकोड़ा पूर्णिमा मंडल द्वारा सभी भैरव भक्तों से आह्वान किया गया कि सर्दी से बचाव में काम आने वाले घर में रखे अनुपयोगी वस्त्र आदि का मंडल को दान करें ताकि उन वस्त्रों को बाद में जरूरतमंद गरीबों को दिये जाएँ, जिससे पुण्य का उपार्जन हो और किसी की मदद भी हो जाये। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंडल के सभी सदस्यों का सराहनीय सहयोग रहा।

Comments

Popular posts from this blog

नाडोल में विराजमान है आशाओं को पूर्ण करने वाली कुलदेवी आशापुरा माता

राजस्थान के पाली जिले में नाडोल के शासक परम प्रतापी  महाराजा राव लाखणसीजी चौहान द्वारा स्थापित श्री आशापुरा  माताजी का पवित्र भव्य तीर्थस्थल है|  कई विशाल पौराणिक मंदिरो और ऐतिहासिक विशाल बावडियों और परकोटों की धरोहर को अपनी ओर समेटे देवनगर नाडोल इन बड़े-बड़े विशाल मंदिरो के कारण अपनी विशेष पहचान बनाये हुये है| इतिहास: नाडोल शहर का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह अपनी नियमित गश्त पर था। परिक्रमा करते-करते प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट पर जा पहुंचा। पानी पीने के बाद नदी किनारे बसी चरवाहों की बस्ती पर जैसे ही लक्ष्मण ने अपनी सतर्क नजर डाली, एक झोंपड़ी पर हीरों के चमकते प्रकाश ने आकर्षित किया। वह तुरंत झोंपड़ी के पास पहुंचा और वहां रह रहे चरवाहे को बुलाकर प्रकाशित हीरों का राज पूछा। चरवाहा भी प्रकाश देखकर अचंभित हुआ। वस्त्र में हीरे चिपके देख चरवाहे के आश्चर्य की सीमा नही रही, उसे समझ ही नही आया कि जिस वस्त्र को उसने झोपड़ी पर डाला था, उस पर तो जौ के दाने चिपके थे। लक्ष्मण द्वारा पूछने पर चरवाहे ने बताया कि वह पहाड़ी ...

शक्ति पीठ नागणेची माता मंदिर-नागाणा धाम में माता का आशीर्वाद प्राप्त करने जुटी श्रद्धालुओं की भीड़

बालोतरा / गोडवाड ज्योती: नवरात्रि शुभारंभ के शुभ अवसर पर बालोतरा उपखंड के प्रसिद्ध शक्ति पीठ नागणेची माता मंदिर-नागाणा के प्रांगण में विधि-विधान के साथ अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना की गयी तथा नव दिवसीय महापूजन का आयोजन किया गया| उल्लेखनीय है कि अखिल राठौड़ वंश की कुलदेवी नागणेची माता के दर्शनों के लिए यूँ तो वर्ष भर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रहती है किन्तु नवरात्रि में यहाँ की रौनक निराली ही होती है| नागाणा धाम के ट्रस्टी उम्मेदसिंह अराबा ने बताया कि प्रकांड ब्राह्मणों के मुखारविंद से मंत्रोच्चार कर घट स्थापना तथा महाआरती में बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने शिरकत कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया| शक्ति पीठ पर सम्पूर्ण भारत भर से आये माता के भक्तों ने पूजा- अर्चना की। मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए ट्रस्ट की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गयी थी। साथ ही मन्दिर के तीर्थ परिसर के बाहर लगे मेले और सजे हाट बाजार में भी बड़ी तादाद में खरीदारी का लुफ्त उठाया।

श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा ने 95वां स्थापना दिवस मनाया

श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा ने 95वां स्थापना दिवस मनाया   रानी/ गोडवाड ज्योती: श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा का 95वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर संस्थान द्वारा संचालित इंग्लिश मीडियम स्कूल एवं बदामिया पीजी महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यकर्मो की प्रस्तुति दी ,  जिसमें सरस्वती वंदना ,  गुरु वल्लभ स्तुति के साथ गुरु विजय वल्लभ की जीवनी पर प्रकाश डाला। संस्था सचिव रमेश आर जैन ने बताया कि 1927 में जैन आचार्य गुरु विजय वल्लभ ने  गोडवाड़ क्षेत्र में इस शिक्षण संस्था की नींव डाली ,  जिसकी बदौलत आज पूरा क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर है। कोषाध्यक्ष मुकेश भंडारी एवं सह सचिव विजय सुराणा ने बताया कि सात विद्यार्थियों से आरम्भ हुए इस विद्यालय में क्षेत्र के सैकड़ों प्रतिभाओ ने देश-विदेश में व्यापार एवं अन्य सेवाओ में अपना व अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल कोठारी ,  प्राचार्य सचेन्द्र बोहरा ,  प्रधानाचार्य अमिता गांधी ने विद्यार्थियों से गुरु...