उदयपुर/गोडवाड ज्योती: उदयपुर नगर निगम और हिन्दू अध्यात्म एवं सेवा संगम के संयुक्त तत्वावधान में सामूहिक वन्दे मातरम गायन कार्यक्रम का आयोजन फतेहसागर की पाल पर ९ नवंबर को किया गया, जिसमें केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, राज्य गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, राज्य जल संसाधन मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी, नगर निगम के मेयर चंद्रसिंह कोठारी, उद्योगपति सलिल सिंघल, मेवाड़ राजघराने के लक्ष्यराजसिंह मेवाड़, बॉलीवुड के प्रख्यात संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी, प्रख्यात ड्रमर बाबला शाह की गौरवान्वित उपस्थिति में शहर के लगभग सभी स्कूल के पचास हजार बच्चों ने गणमान्य नागरिकों के साथ शुरूआती मीठी सर्दी में देशभक्ति से ओत-प्रोत गर्मजोशी के माहौल में देशभक्ति गीतों के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संगीतकार आनंदजी (कल्याणजी-आनंदजी फेम) और ड्रमर बाबला शाह ने एक से बढ़कर एक आकर्षक प्रस्तुति दी। साथ ही स्कूली छात्रों का समूह हाथो में तिरंगा लिए सामूहिक रूप से वन्दे-मातरम का गायन किया। झील में तैरती नावों पर सवार बच्चों और पहाड़ों पर पारम्परिक वेशभूषा में हाथों में तिरंगा लिए खड़े वनवासियों ने जल, थल और नभ से वन्दे मातरम का गायन किया।
राजस्थान के पाली जिले में नाडोल के शासक परम प्रतापी महाराजा राव लाखणसीजी चौहान द्वारा स्थापित श्री आशापुरा माताजी का पवित्र भव्य तीर्थस्थल है| कई विशाल पौराणिक मंदिरो और ऐतिहासिक विशाल बावडियों और परकोटों की धरोहर को अपनी ओर समेटे देवनगर नाडोल इन बड़े-बड़े विशाल मंदिरो के कारण अपनी विशेष पहचान बनाये हुये है| इतिहास: नाडोल शहर का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह अपनी नियमित गश्त पर था। परिक्रमा करते-करते प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट पर जा पहुंचा। पानी पीने के बाद नदी किनारे बसी चरवाहों की बस्ती पर जैसे ही लक्ष्मण ने अपनी सतर्क नजर डाली, एक झोंपड़ी पर हीरों के चमकते प्रकाश ने आकर्षित किया। वह तुरंत झोंपड़ी के पास पहुंचा और वहां रह रहे चरवाहे को बुलाकर प्रकाशित हीरों का राज पूछा। चरवाहा भी प्रकाश देखकर अचंभित हुआ। वस्त्र में हीरे चिपके देख चरवाहे के आश्चर्य की सीमा नही रही, उसे समझ ही नही आया कि जिस वस्त्र को उसने झोपड़ी पर डाला था, उस पर तो जौ के दाने चिपके थे। लक्ष्मण द्वारा पूछने पर चरवाहे ने बताया कि वह पहाड़ी ...

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