
कहाँ होगी भारत को मुश्किल:
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप की जीत के बाद भारत और अमेरिका के डिफेंस और व्यापारिक समझौते बेहतर हो सकते हैं। साथ ही चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए दिक्कत हो सकती है। ट्रम्प ने अक्सर अपने चुनावी भाषणों में अमेरिका के हितों की रक्षा की बात प्रमुखता से रखी थी। उन्होंने कहा है कि ओबामा के सभी विदेशी व्यापारिक समझौतों की समीक्षा की जायेगी। इससे स्पष्ट है कि भारत भी इन व्यापारिक समझौतों की समीक्षा से अछूता नही रहेगा।
भारत के पक्ष में क्या:
यद्यपि ट्रम्प ने इमिग्रेशन नियमों को कड़ा करने की बात कही है लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वो भारत के अधिक नए उद्योगपतियों एवं छात्रों को अमेरिका में देखना चाहतें हैं जो अमेरिका के विकास में सहायक होंगे। अपने पूरे चुनावी अभियान में ट्रम्प ने चीन की कठोर शब्दों में निंदा की है और उसे अमेरिका की सबसे बड़ी रूकावट करार दिया है। यह भारत के लिए राहत की बात है। पाकिस्तान को ट्रम्प ने आतंकवाद का स्वर्ग और कहा कि हम इस्लामिक आतंकवाद का डटकर मुकाबला करेंगें। एक और जहाँ भारत ट्रम्प की जीत को आशावादी दृष्टिकोण से देख रहा है, वहीँ अमेरिका में इस समय बड़ी उहापोह है। अमेरिका के कई राजनीतिक विश्लेषकों को डर है कि हिलेरी की हार से अमेरिका में महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों के अधिकारों में असमानता का व्यवहार बढ़ सकता है। अमेरिका में रहने वाले मुस्लिम, मेक्सिकन एवं अवैध रहवासियों के लिए ट्रम्प की जीत कहर बन सकती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इलाज सिर्फ भारत कर सकता है और इसके लिए वो भारत की हर संभव सहायता करेगा।
अपने चुनावी अभियान में रिपब्लिकंस ने तो ट्रम्प को अमेरिका का 'मोस्ट रेकलेस प्रेजिडेंट' पहले ही घोषित कर दिया था लेकिन इन सब से दरकिनार ट्रम्प ने सभी विश्लेषकों को 'फेल्ड वाशिंगटन एलीट' कहकर 'अमेरिका फस्र्ट' का नारा देकर चुनाव जीत लिया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप की जीत के बाद भारत और अमेरिका के डिफेंस और व्यापारिक समझौते बेहतर हो सकते हैं। साथ ही चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए दिक्कत हो सकती है। ट्रम्प ने अक्सर अपने चुनावी भाषणों में अमेरिका के हितों की रक्षा की बात प्रमुखता से रखी थी। उन्होंने कहा है कि ओबामा के सभी विदेशी व्यापारिक समझौतों की समीक्षा की जायेगी। इससे स्पष्ट है कि भारत भी इन व्यापारिक समझौतों की समीक्षा से अछूता नही रहेगा।
भारत के पक्ष में क्या:
यद्यपि ट्रम्प ने इमिग्रेशन नियमों को कड़ा करने की बात कही है लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वो भारत के अधिक नए उद्योगपतियों एवं छात्रों को अमेरिका में देखना चाहतें हैं जो अमेरिका के विकास में सहायक होंगे। अपने पूरे चुनावी अभियान में ट्रम्प ने चीन की कठोर शब्दों में निंदा की है और उसे अमेरिका की सबसे बड़ी रूकावट करार दिया है। यह भारत के लिए राहत की बात है। पाकिस्तान को ट्रम्प ने आतंकवाद का स्वर्ग और कहा कि हम इस्लामिक आतंकवाद का डटकर मुकाबला करेंगें। एक और जहाँ भारत ट्रम्प की जीत को आशावादी दृष्टिकोण से देख रहा है, वहीँ अमेरिका में इस समय बड़ी उहापोह है। अमेरिका के कई राजनीतिक विश्लेषकों को डर है कि हिलेरी की हार से अमेरिका में महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों के अधिकारों में असमानता का व्यवहार बढ़ सकता है। अमेरिका में रहने वाले मुस्लिम, मेक्सिकन एवं अवैध रहवासियों के लिए ट्रम्प की जीत कहर बन सकती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इलाज सिर्फ भारत कर सकता है और इसके लिए वो भारत की हर संभव सहायता करेगा।
अपने चुनावी अभियान में रिपब्लिकंस ने तो ट्रम्प को अमेरिका का 'मोस्ट रेकलेस प्रेजिडेंट' पहले ही घोषित कर दिया था लेकिन इन सब से दरकिनार ट्रम्प ने सभी विश्लेषकों को 'फेल्ड वाशिंगटन एलीट' कहकर 'अमेरिका फस्र्ट' का नारा देकर चुनाव जीत लिया।
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