
रद्द किए जा चुके नोटों के जरिए जो लोग बेहिसाबी रकम जमा कर रहे हैं, उनके लिए इस अमेंडमेंट के जरिए यह व्यवस्था की जाएगी कि वे 50 पर्सेंट टैक्स चुकाएं और 25 पर्सेंट रकम चार वर्षों के लिए जीरो पर्सेंट इंटरेस्ट पर लॉक करें। इस तरह उनके पास तत्काल उपयोग के लिए बेहिसाबी रकम का केवल 25 पर्सेंट हिस्सा बचेगा। इस स्कीम के तहत एक सीमा से ऊपर के सभी बड़े डिपॉजिट्स के मामले में जमाकर्ता से पैसे के स्रोत के बारे में पूछा जा सकता है और यह सवाल किया जा सकता है कि उससे 50 पर्सेंट टैक्स क्यों न लिया जाए और 25 पर्सेंट रकम अनिवार्य रूप से जीरो इंटरेस्ट पर क्यों न जमा कराई जाए।
टैक्स अधिकारी रद्द हुए नोटों वाले सभी बड़े डिपॉजिट्स की जांच कर सकते हैं ताकि यह देखा जा सके कि कहीं यह अनएकाउंटेड वेल्थ तो नहीं है या किसी परिवार के विभिन्न सदस्यों के खातों में ऐसी रकम को बांटकर तो जमा नहीं किया जा रहा है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया, '2.5 लाख रुपये तक पर छूट तो है, लेकिन अगर कोई ऐसी रकम को टुकड़ों में बांट दे और चार फैमिली मेंबर्स इस रकम को अपने-अपने खातों में जमा करें तो मामला गौर करने लायक तो बनेगा।' इनकम टैक्स लॉ में बदलावों को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को मंजूरी दी थी। सरकार ने इससे पहले कहा था कि वह 2.5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट्स की जांच नहीं करेगी।
रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया ने 10 नवंबर को कहा था, '10 नवंबर से 30 नवंबर तक के बीच किसी खाते में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा के हर कैश डिपॉजिट की रिपोर्ट हम लेंगे।' उन्होंने कहा था, 'डिपार्टमेंट इस रकम का मिलान जमाकर्ताओं की ओर से फाइल किए गए इनकम रिटर्न से करेगा और उचित कार्रवाई की जा सकती है।' ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि 500 औश्र 1000 रुपये के रद्द किए गए नोटों में बेहिसाबी रकम रखने वाले लोग दूसरों के खातों में इसे जमा करा रहे हैं। प्रधानमंत्री जन धन योजना के खातों में बैलेंस 9 नवंबर से 23 नवंबर के बीच 27,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया था। इससे शक पैदा हुआ कि कहीं इन खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में तो नहीं हो रहा है।
टैक्स अधिकारी रद्द हुए नोटों वाले सभी बड़े डिपॉजिट्स की जांच कर सकते हैं ताकि यह देखा जा सके कि कहीं यह अनएकाउंटेड वेल्थ तो नहीं है या किसी परिवार के विभिन्न सदस्यों के खातों में ऐसी रकम को बांटकर तो जमा नहीं किया जा रहा है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया, '2.5 लाख रुपये तक पर छूट तो है, लेकिन अगर कोई ऐसी रकम को टुकड़ों में बांट दे और चार फैमिली मेंबर्स इस रकम को अपने-अपने खातों में जमा करें तो मामला गौर करने लायक तो बनेगा।' इनकम टैक्स लॉ में बदलावों को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को मंजूरी दी थी। सरकार ने इससे पहले कहा था कि वह 2.5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट्स की जांच नहीं करेगी।
रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया ने 10 नवंबर को कहा था, '10 नवंबर से 30 नवंबर तक के बीच किसी खाते में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा के हर कैश डिपॉजिट की रिपोर्ट हम लेंगे।' उन्होंने कहा था, 'डिपार्टमेंट इस रकम का मिलान जमाकर्ताओं की ओर से फाइल किए गए इनकम रिटर्न से करेगा और उचित कार्रवाई की जा सकती है।' ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि 500 औश्र 1000 रुपये के रद्द किए गए नोटों में बेहिसाबी रकम रखने वाले लोग दूसरों के खातों में इसे जमा करा रहे हैं। प्रधानमंत्री जन धन योजना के खातों में बैलेंस 9 नवंबर से 23 नवंबर के बीच 27,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया था। इससे शक पैदा हुआ कि कहीं इन खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में तो नहीं हो रहा है।
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