नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने देश के लिए युद्धक्षेत्र में शहीद होने वाले जवानों को दी जाने वाली मुआवज़ा राशि बढ़ाकर दोगुने से भी ज्यादा कर दी है।
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि ड्यूटी पर तैनात जवान की दुर्घटना में मौत होने के एवज में दिया जाने वाला मुआवजा 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख कर दिया गया है। वहीं आतंकियों से मुठभेड़ में जान गंवाने वाले शहीदों के परिवार को भी अब से 10 की जगह 25 लाख रुपये दिए जाएंगे।
समुद्री लुटेरों से लडऩे वाले जवानों के परिवार वालों को भी उनकी शहादत पर अब से 15 नहीं 35 लाख रुपये दिए जाएंगे। मुआवजे की रकम में इतनी ही बढ़ोतरी सियाचिन और ऐसे ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए भी की गई है।
विदेशों में शहीद होने वाले जवानों को अब 45 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। ये उन लोगों पर भी लागू होगा जो संयुक्त राष्ट्र मिशन और अभियान से जुड़े हैं।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है। रक्षा मंत्रालय ने 20 साल के अंतराल के बाद मुआवजे की रकम में इजाफा किया है।
केंद्र सरकार ने देश के लिए युद्धक्षेत्र में शहीद होने वाले जवानों को दी जाने वाली मुआवज़ा राशि बढ़ाकर दोगुने से भी ज्यादा कर दी है।
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि ड्यूटी पर तैनात जवान की दुर्घटना में मौत होने के एवज में दिया जाने वाला मुआवजा 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख कर दिया गया है। वहीं आतंकियों से मुठभेड़ में जान गंवाने वाले शहीदों के परिवार को भी अब से 10 की जगह 25 लाख रुपये दिए जाएंगे।
समुद्री लुटेरों से लडऩे वाले जवानों के परिवार वालों को भी उनकी शहादत पर अब से 15 नहीं 35 लाख रुपये दिए जाएंगे। मुआवजे की रकम में इतनी ही बढ़ोतरी सियाचिन और ऐसे ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए भी की गई है।
विदेशों में शहीद होने वाले जवानों को अब 45 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। ये उन लोगों पर भी लागू होगा जो संयुक्त राष्ट्र मिशन और अभियान से जुड़े हैं।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है। रक्षा मंत्रालय ने 20 साल के अंतराल के बाद मुआवजे की रकम में इजाफा किया है।

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