Skip to main content

राष्ट्रसंत आचार्यश्री चन्द्राननसागर सुरिश्वरजी म.सा. की निश्रा में श्री नाकोड़ा भैरव दर्शन धाम महातीर्थ में पोष दशमी अट्ठ्म तप की भव्य आराधना 3 जनवरी से

  
मुंबई/गोडवाड ज्योती: महानगर मुंबई के प्रवेश द्वार पर पहाड़ियों के मध्य प्राकृतिक सौंदर्य से प्रकट प्रभावी श्री नाकोड़ा भैरव दर्शन धाम महातीर्थ के पावन प्रांगण एवं प.पू. गच्छाधिपति दादा गुरुदेव श्री दर्शनसागर समुदाय के संगठन प्रेमी प.पू. आचार्यश्री नित्योदयसागर सुरिश्वरजी म.सा. के दिव्याशीर्वाद से जाप-ध्यान-निष्ठ, जन-जन  के आस्था के केंद्र श्री नाकोड़ा भैरव दर्शन धाम महातीर्थ के प्रेरक राष्ट्रसंत प.पू. आचार्यश्री चन्द्राननसागर सुरिश्वरजी म.सा. आदि ठाणा एवं प.पु. विदुषी साध्वीश्री कल्पिताश्रीजी म.सा., प.पू साध्वीश्री चारुताश्रीजी म.सा. (बेन महाराज) आदि ठाणा की पावन निश्रा में पोष दशमी अट्ठ्म तप की भव्य आराधना का आयोजन 2 जनवरी 2016 से प्रारंभ होकर 6 जनवरी 2016 को सम्पन्न होगा| तप आराधना का शुभारंभ 2 जनवरी 2016 को अत्तर पारणा के साथ किया जायेगा| तत्पश्चात अट्ठ्म तप की आराधना दिनांक 3,4,5 जनवरी 2016 तथा तपस्वियों का मंगल पारणा 6 जनवरी को होगा| इस अट्ठ्म तप के सम्पूर्ण लाभार्थी मातुश्री दिवालीबाई हुकमीचंदजी सोलंकी परिवार  शिवगंज/लालबाग निवासी हैं|
                                   अट्ठ्म तप करने के इच्छुक आराधक अधिक जानकारी हेतु नाकोड़ा धाम- 09821950984, श्री फुटरमलजी जैन- 022-23445100/23445200, श्री दिनेशजी जे. जैन- 022-25963111, श्री देवीचन्दजी सत्तावत- 022-24702263, श्री रमेशजी जैन- 08087342455, श्री कपूरचंदजी बी.बलदोटा-09833772434, श्री राकेशजी तेली- 09821950924, श्री ललितजी शक्ति- 09821347014, श्री जयंतीलालजी एच.परमार- 0981971919674 एवं श्री चंद्रमोहनजी एच. सोलंकी- 09892126614 संपर्क करें| 


Comments

Popular posts from this blog

नाडोल में विराजमान है आशाओं को पूर्ण करने वाली कुलदेवी आशापुरा माता

राजस्थान के पाली जिले में नाडोल के शासक परम प्रतापी  महाराजा राव लाखणसीजी चौहान द्वारा स्थापित श्री आशापुरा  माताजी का पवित्र भव्य तीर्थस्थल है|  कई विशाल पौराणिक मंदिरो और ऐतिहासिक विशाल बावडियों और परकोटों की धरोहर को अपनी ओर समेटे देवनगर नाडोल इन बड़े-बड़े विशाल मंदिरो के कारण अपनी विशेष पहचान बनाये हुये है| इतिहास: नाडोल शहर का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह अपनी नियमित गश्त पर था। परिक्रमा करते-करते प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट पर जा पहुंचा। पानी पीने के बाद नदी किनारे बसी चरवाहों की बस्ती पर जैसे ही लक्ष्मण ने अपनी सतर्क नजर डाली, एक झोंपड़ी पर हीरों के चमकते प्रकाश ने आकर्षित किया। वह तुरंत झोंपड़ी के पास पहुंचा और वहां रह रहे चरवाहे को बुलाकर प्रकाशित हीरों का राज पूछा। चरवाहा भी प्रकाश देखकर अचंभित हुआ। वस्त्र में हीरे चिपके देख चरवाहे के आश्चर्य की सीमा नही रही, उसे समझ ही नही आया कि जिस वस्त्र को उसने झोपड़ी पर डाला था, उस पर तो जौ के दाने चिपके थे। लक्ष्मण द्वारा पूछने पर चरवाहे ने बताया कि वह पहाड़ी ...

शक्ति पीठ नागणेची माता मंदिर-नागाणा धाम में माता का आशीर्वाद प्राप्त करने जुटी श्रद्धालुओं की भीड़

बालोतरा / गोडवाड ज्योती: नवरात्रि शुभारंभ के शुभ अवसर पर बालोतरा उपखंड के प्रसिद्ध शक्ति पीठ नागणेची माता मंदिर-नागाणा के प्रांगण में विधि-विधान के साथ अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना की गयी तथा नव दिवसीय महापूजन का आयोजन किया गया| उल्लेखनीय है कि अखिल राठौड़ वंश की कुलदेवी नागणेची माता के दर्शनों के लिए यूँ तो वर्ष भर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रहती है किन्तु नवरात्रि में यहाँ की रौनक निराली ही होती है| नागाणा धाम के ट्रस्टी उम्मेदसिंह अराबा ने बताया कि प्रकांड ब्राह्मणों के मुखारविंद से मंत्रोच्चार कर घट स्थापना तथा महाआरती में बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने शिरकत कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया| शक्ति पीठ पर सम्पूर्ण भारत भर से आये माता के भक्तों ने पूजा- अर्चना की। मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए ट्रस्ट की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गयी थी। साथ ही मन्दिर के तीर्थ परिसर के बाहर लगे मेले और सजे हाट बाजार में भी बड़ी तादाद में खरीदारी का लुफ्त उठाया।

श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा ने 95वां स्थापना दिवस मनाया

श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा ने 95वां स्थापना दिवस मनाया   रानी/ गोडवाड ज्योती: श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा का 95वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर संस्थान द्वारा संचालित इंग्लिश मीडियम स्कूल एवं बदामिया पीजी महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यकर्मो की प्रस्तुति दी ,  जिसमें सरस्वती वंदना ,  गुरु वल्लभ स्तुति के साथ गुरु विजय वल्लभ की जीवनी पर प्रकाश डाला। संस्था सचिव रमेश आर जैन ने बताया कि 1927 में जैन आचार्य गुरु विजय वल्लभ ने  गोडवाड़ क्षेत्र में इस शिक्षण संस्था की नींव डाली ,  जिसकी बदौलत आज पूरा क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर है। कोषाध्यक्ष मुकेश भंडारी एवं सह सचिव विजय सुराणा ने बताया कि सात विद्यार्थियों से आरम्भ हुए इस विद्यालय में क्षेत्र के सैकड़ों प्रतिभाओ ने देश-विदेश में व्यापार एवं अन्य सेवाओ में अपना व अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल कोठारी ,  प्राचार्य सचेन्द्र बोहरा ,  प्रधानाचार्य अमिता गांधी ने विद्यार्थियों से गुरु...